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अभिकर्ताओं का तहसील पर प्रदर्शन-PACL

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संवाद सहयोगी, कोटद्वार: पीएसीएल अभिकर्ताओं और निवेशकों ने निवेश की गई धनराशि वापस करने की मांग को लेकर तहसील परिसर में केंद्र सरकार के खिलाफ धरना-प्रदर्शन किया। साथ ही उपजिलाधिकारी के माध्यम से प्रधानमंत्री व वित्त मंत्री को भेजे ज्ञापन में कहा कि अभिकर्ताओं व निवेशकों की ओर से निवेश की गई धनराशि निवेश किए हुए करीब डेढ़ वर्ष का समय व्यतीत होने के बाद उनकी धनराशि वापस नहीं की गई है।

मंगलवार को उपजिलाधिकारी राकेश चंद्र तिवारी के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व वित्त मंत्री अरुण जेटली को भेजे ज्ञापन में कहा कि पीएसीएल अभिकर्ताओं ने कोटद्वार क्षेत्र में पीएसीएल फाईनेंस कंपनी में करीब 350 अभिकर्ता कार्यरत थे। विगत दिनों कंपनी के दिवालिया घोषित होने पर अभिकर्ताओं व निवेशकों का पैसा वापस दिलाने के लिए केंद्र सरकार की ओर से लोढ़ा कमेटी का गठन किया गया। लोढ़ा कमेटी ने निवेशकों व अभिकर्ताओं की ओर से निवेश की गई धनराशि को वापस दिलाने के लिए डेढ़ वर्ष का समय दिया था। लेकिन अभी तक अभिकर्ताओं व निवेशकों की कोई धनराशि वापस नहीं हुई है। इससे लोगो के समक्ष आर्थिक संकट खड़ा हो रहा है। उन्होंने कहा कि अकेले कोटद्वार क्षेत्र की करीब बीस करोड़ रुपये की धनराशि कंपनी के पास जमा है। जिससे लोगो को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। अभिकर्ताओं ने प्रधानमंत्री व वित्त मंत्री को भेजे ज्ञापन में शीघ्र धनराशि दिलाने की मांग की है।
इस मौके पर संगठन की अध्यक्ष लक्ष्मी बिष्ट, सचिव पंकज कुमार, उपाध्यक्ष सुखदेव शास्त्री, कोषाध्यक्ष बलबीर ¨सह बिष्ट, अनिता, प्रतिमा, गजे ¨सह, मनीषा, सत्यवती, प्रताप, बलवीर, हरि¨सह, सरोज, गीता, कलावती, मीना, सुनीता, राखी, मीना देवी, वीना, मालती, कृपाल ¨सह आदि मौजूद रहे।

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